खुलासा: रा’फेल डील में दिया गया करोड़ों का कमीशन, संजय बोले- भारत मां की रक्षा में साहेब ने कितनी दलीली खाई?

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मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई रा’फेल डील एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। दरअसल फ्रांस से खरीदे गए रा’फेल लड़ाकू विमानों के दामों के बारे में कांग्रेस अक्सर भाजपा को निशाने पर लेती रही। कांग्रेस नेता राहुल गांधी कई बार ये आ-रोप लगा चु’-के हैं कि रा’फेल डील मोदी सरकार ने खुद को करीबी पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए महंगे दामों पर की.आब रा’फेल डील मामले में फ्रांस के एक प्रकाशन द्वारा किए गए दावे ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ाने का काम किया है।भारतीय फ्रांस के इस प्रकाशन का दावा है – रा’फेल बनाने वाली फ्रेंच कंपनी डसॉल्ट ने भारत में डील कराने वाले एक बिचौलिए को एक मिलियन यूरो के गिफ्ट दिए थे।इस मामले में पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने भी मोदी सरकार पर नि’-शाना साधा.उन्नी वेब पर लिखा है कि “आखिरकार सच सामने आ ही गया कि रा’फेल डील में भ्रम’-ष्टर्पण हुआ।हमारे देश की एजेंसियों ने भले ही इसे छिपाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन फ्रांस से सच सामने आ गया है। हमारे देश की सरकार और जांच एजेंसियों को श’-र्म आनी चाहिए। “वहीं आप सांसद संजय सिंह ने लिखा-” चेहरे पर जो लाली है राफेल की द’लाली है “मोदी जी जवाब दो भारत माता के रक्षा अभियान में कितने द ‘ लाली खाई? आपको बता दें कि वर्ष 2016 में जब भारत और फ्रांस के बीच रा’फेल लड़ाकू विमान को लेकर डील हुई थी। तो उसके बाद वर्ष 2017 में फ्रांसीसी कंपनी डसेट ग्रुप के खाते से 508925 यूरो टू गिफ्ट टू क्लाइंट्स के तौर पर ट्रांसफर किए गए थे। बात का खुलासा तब हुआ है। जब फ्रांस की एंटी करप्शन एजेंसी द्वारा डसट के अकाउंट्स का ऑडिट किया गया। मामले में सवालों के जवाब में फ्रेंच कंपनी ने कहा कि यह भारत के साथ हुई रा’फेल लड़ाकू विमान डील के बाद 50 बड़े मॉडल बनाने में इस पैसे का इस्तेमाल किया है। हुआ था।लेकिन मूलता यह है कि कंपनी द्वारा ऐसे कोई भी मॉडल नहीं बनाए गए थे।

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