24 जवान शहीद, लेकिन पीएम-सीएम से लेकर गृह मंत्री तक हर कोई चुनाव प्रचार में व्यस्त है, देश की चिंता किसे है?

0
850

छत्तीसगढ़ से दुखद समाचार आई है। राज्य के नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर में हुई भीषण मुठभेड़ में कुल 24 जवानों की शहादत की खबर आई है। गांव के करीब और आसपास के जंगलों से शहीद जवानों के शव निकाले जा चुके हैं।

पूरा देश इस खबर से दुखित है लेकिन सवाल यह है कि यह जघन्य कांड की बतानेेवारी किसकी है?

जब से देश में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी है तब से सरकार को सिर्फ चुनाव चुनाव और चुनाव की ही चिंता हुई है। आज देश में एक ऐसी सरकार बनी हुई है जो साल के 365 दिन और दिन के 24 घंटे बस चुनाव की चिंता में ही व्यस्त रहती है।

देश के प्रधानमंत्री हो, गृह मंत्री हो या राज्यों के मुख्यमंत्री हों, चुनाव प्रचार को ही अपना मुख्य कार्य समझते हैं।

देश के बाकी समस्याओं की ओर ध्यान किसी का नहीं है। देश घनघोर बेरोजगारी और कमरतोड़ महंगाई से जूझ रहा है लेकिन हमारी सरकार ने चुनाव में ही व्यस्त है।

चुनाव प्रचार केवल हमारे देश के प्रधानमंत्री का प्रमुख दायित्व हो गया है। चुनाव जीतना ही एकमेव लक्ष्य निर्धारित हो गया है।

जहां जीत गई वहां ठीक, जहां जीत नहीं, वहां पर विधायकों को तोड़ कर, खरीद फरोख्त कर सरकार बनाना है। जहां विधायक नहीं खरीद पाओ, वहां राज्यपाल का दुरुपयोग कर सरकार को अस्थिर कर दो।

जहां शुरुआत से ही जीत की संभावना नजर नहीं आ रही हो, वहां ईवीएम का दुरुपयोग करते हैं। उदाहरणों की कोई कमी नहीं है। देश ने शायद ऐसा पहला प्रधानमंत्री और गृह मंत्री देखा है, जो पूरे देश की चिंता छोड़ कर सिर्फ चुनाव की ही चिंता करते हैं।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है। यहां के सीएम भूपेश बघेल हैं। यहां की जनता ने अपार बहुमत से उन्हें विजयी बनाया है। वह पिछले कई दिनों से प्रदेश का कामकाज छोड़ कर असम में पार्टी को जीताने के अभियान में जुटे हुए हैं।

इस घटना को बीते 22 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं लेकिन देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का ट्वीटर हैंडल सिर्फ चुनावी रैलियों से भरा पड़ा हुआ है और ये दर्दनाक घटना अनुपस्थित है।

मीडिया का चरित्र भी इसमें सामने आ गया है। आज अगर छत्तीसगढ़ में चुनाव होता है तो मीडिया भी वहां पर पीपली लाइव कर रहा है!

ऐसे माहौल की कीमत आज देश के बहादुर जवानों को चुकानी पड़ी और 24 जवानों की शहादत पर पूरा देश गमगीन।] आज पूरा देश का एक ही सवाल पूछ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के लिए चुनाव ही सर्वोपरी है?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here