भागवत बोले – लिंचिंग करने वाले हिंदुत्व के खिलाफ, ओवैसी का पलटवार- ये हिंदुत्व की ही देन है

0
323

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने रविवार को एक कार्यक्रम में मॉब लिंचिंग करने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें शामिल लोग हिंदुत्व के खिलाफ हैं। जिस पर आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ये ये हिंदुत्व की ही देन है।

ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, RSS के भागवत ने कहा “लिंचिंग करने वाले हिंदुत्व विरोधी”। इन अपराधियों को गाय और भैंस में फ़र्क़ नहीं पता होगा लेकिन क़त्ल करने के लिए जुनैद, अखलाक़, पहलू, रकबर, अलीमुद्दीन के नाम ही काफी थे।ये नफ़रत हिंदुत्व की देन है, इन मुजरिमों को हिंदुत्ववादी सरकार की पुश्त पनाही हासिल है।

उन्होने अपने ट्वीट में लिखा, केंद्रीय मंत्री के हाथों अलीमुद्दीन के कातिलों की गुलपोशी हो जाती है, अखलाक़ के हत्यारे की लाश पर तिरंगा लगाया जाता है, आसिफ़ को मारने वालों के समर्थन में महापंचायत बुलाई जाती है, जहाँ भाजपा का प्रवक्ता पूछता है कि “क्या हम मर्डर भी नहीं कर सकते?” कायरता, हिंसा और क़त्ल करना गोडसे की हिंदुत्व वाली सोंच का अटूट हिस्सा है।मुसलमानो की लिंचिंग भी इसी सोच का नतीजा है।

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मोहन भागवत जी यह विचार क्या आप अपने शिष्यों, प्रचारकों, विश्व हिंदू परिषद/ बजरंग दल कार्यकर्ताओं को भी देंगे? क्या यह शिक्षा आप मोदी-शाह जी व भाजपा मुख्यमंत्री को भी देंगे? यदि आप अपने व्यक्त किए गए विचारों के प्रति ईमानदार हैं तो भाजपा में वे सब नेता जिन्होंने निर्दोष मुसलमानों को प्रताड़ित किया है उन्हें उनके पदों से तत्काल हटाने का निर्देश दें।

दिग्विजय सिंह ने ये भी लिखा कि शुरुआत नरेंद्र मोदी व योगी आदित्यनाथ से करें। मुझे मालूम है आप नहीं करेंगे क्योंकि आपके कथनी और करनी में अंतर है। आपने सही कहा है कि #हम_पहले_भारतीय_हैं, #WeAreIndiansFirst लेकिन हुज़ूर अपने शिष्यों को तो पहले समझाएं। वे मुझे कई बार पाकिस्तान जाने की सलाह दे चुके हैं!!

उन्होने कहा, लेकिन यह आसान नहीं है। आप लोगों ने हिंदू मुसलमान के बीच में इतनी नफ़रत भर दी है उसे दूर करना आसान नहीं है। सरस्वती शिशु मंदिर से ले कर संघ द्वारा बौद्धिक प्रशिक्षणों में मुसलमानों के खिलाफ जो नफ़रत का बीज बोया गया है वह निकालना आसान नहीं है। यदि यह विचार मोहन भागवत जी आप अपने शिष्यों को पालन करने के लिए बाध्य कर देंगे तो मैं आपका प्रशंसक हो जाऊँगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here