नरसिंहानंद सरस्वती का विवादित बयान – ‘एएमयू, जामिया, दारुल उलूम देवबंद को बम से उड़ा देना चाहिए’

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मुसलमानों के खिलाफ अपने नफरत भरे भाषणों के लिए मशहूर डासना देवी मंदिर के पुजारी नरसिंहानंद सरस्वती ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। उन्होने देश की दो सबसे बड़ी सेंट्रल यूनिवर्सिटी और मुस्लिमों के सबसे बड़े धार्मिक शिक्षण संस्थान को बम से उड़ाने की बात कहीं है।

नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) पर बम गिराए जाने चाहिए। जहां के अधिकांश छात्र मुस्लिम हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सरस्वती कह रहा है कि ”एएमयू को बम से उड़ाकर नष्ट कर देना चाहिए।”

नरसिंहानंद सरस्वती को वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “एएमयू से राष्ट्र-विरोधी और मानवता-विरोधी पैदा हो रहे है। अगर कोई ‘आदमी’ दिल्ली की सत्ता में आता है, तो उसे सबसे पहले दारुल उलूम देवबंद, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया को खत्म करना चाहिए। इन तीनों को पहले दिन नाश करना होगा, तभी यह देश समृद्ध हो सकता है।”

इस मामले में वरिष्ठ पत्रकार, शम्स उर रहमान अलावी ने ट्विटर पर सवाल उठाते हुए लिखा, “टीवी चैनलों पर कोई आक्रोश या गुस्सा नहीं, राजनीतिक वर्ग की कोई प्रतिक्रिया नहीं। अराजकता, खतरे और अतिवाद का स्तर। डरावनी स्थिति। मीडिया ऐसी धमकियों की अनदेखी करता है। कोई हेडलाइन नहीं। तो कोई कार्रवाई नहीं। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं तो लोग कहते हैं, ‘प्रचार क्यों दें’।

वहीं कश्मीर के एक छात्र समूह के प्रवक्ता और छात्र कार्यकर्ता, नासिर खुहमी ने कहा, “यह बहुत चौंकाने वाला है कि शिक्षा और शिक्षा के मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है; एएमयू, जामिया और दारुल-उलूम देवबंद जैसे संस्थानों पर बमबारी का नरसिंह का आह्वान संस्थानों के लिए खतरा पैदा करेगा और वास्तविक जीवन में हिंसा का परिणाम होगा।”

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