मुस्लिमों को धमकाने के बाद जामिया शूटर की जमानत रद्द करने की याचिका दाखिल

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हरियाणा के पटौदी गांव में आयोजित एक महापंचायत में भीड़ को मुसलमानों के खिलाफ हिंसा करने और मुस्लिम महिलाओं के अपहरण के लिए उकसाने के बाद जामिया के शूटर को दी गई जमानत को रद्द करने और उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग करते हुए मंगलवार को कई शिकायतें दर्ज हुईं।

रामभक्त गोपाल शर्मा ने रविवार, 4 जुलाई को हरियाणा के पटौदी गांव में आयोजित महापंचायत में भड़काऊ भाषण दिया। शर्मा ने पिछले साल जनवरी में जामिया मिल्लिया इस्लामी के आंदोलनकारी छात्रों पर गोलियां चलाई थी। इस मामले में वह गिरफ्तार होने के बाद जमानत पर हैं।

रविवार को महापंचायत को संबोधित करते हुए उसने कहा, “जब राम भक्त सीएए का समर्थन करने पर 100 किलोमीटर दूर जामिया जा सकते हैं तो पटौदी बहुत दूर नहीं है।” उसने ये भी कहा, “जब मुल्ले [मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला अपमानजनक शब्द] मारा जाएगा तो हम राम, राम चिल्लाएंगे।”

मंगलवार को एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने पटौदी थाने में पुलिस में शिकायत कर उसके खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की। उन्होने शिकायत में कहा, “यह स्पष्ट रूप से आईपीसी की धारा 153 ए और 295 ए के तहत एक संज्ञेय अपराध है और माननीय सुप्रीम कोर्ट इंडिया द्वारा निर्धारित ललिता कुमारी दिशानिर्देशों के तहत पीएस पटौदी में प्राथमिकी दर्ज करने की आवश्यकता है।”

गोखले ने कहा कि हरियाणा पुलिस के दिशा-निर्देशों में पटौदी थाने के एसएचओ को शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की आवश्यकता है। गोखले ने ट्वीट किया, “अगर प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती है, तो शिकायत डीसीपी मानेसर को भेज दी जाएगी। उनके द्वारा संज्ञान न लेने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।”

इससे पहले सोमवार को गोखले ने दिल्ली पुलिस, किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट और दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) में एक आवेदन दायर कर जामिया के छात्रों पर गोली चलाने के मामले में मिली जमानत को रद्द करने की मांग की थी।

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