केरल हाईकोर्ट का आयशा सुल्ताना के खिलाफ देशद्रोह मामले में कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार

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कथित तौर पर मीडिया पर एक बहस के दौरान लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल पटेल को ‘जेविक हथियार’ बताने के मामले में देशद्रोह मामले का सामना कर रही फिल्म निर्माता और एक्टिविस्ट आयशा सुल्ताना को केरल हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ देशद्रोह मामले में कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

आयशा सुल्ताना द्वारा दायर एक याचिका पर विचार करते हुए, केरल हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में जांच प्रारंभिक चरण में है और जांच पूरी करने के लिए और समय की आवश्यकता हो सकती है। बता दें कि याचिका में आयशा सुल्ताना  ने कवरत्ती पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज पुलिस मामले को रद्द करने की मांग की थी।

अदालत ने मामले में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार करते हुए लक्षद्वीप प्रशासन को जांच का ब्योरा मुहैया कराने का निर्देश दिया। इस दौरान लक्षद्वीप  प्रशासन के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है।

कवरत्ती के बीजेपी नेता द्वारा दायर याचिका के आधार पर 9 जून को भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए (देशद्रोह) और 153 बी (अभद्र भाषा) के तहत आयशा सुल्ताना के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पिछले हफ्ते ही केरल हाई कोर्ट ने उन्हे अग्रिम जमानत दी थी।

जमानत देते हुए, न्यायमूर्ति अशोक मेनन ने कहा था कि उनके बयान में कोई स्पष्ट संकेत नहीं था, जो राष्ट्रीय हित के लिए हानिकारक आरोप या दावे के समान हो, और न ही यह व्यक्तियों के किसी अन्य समूह के खिलाफ व्यक्तियों के किसी वर्ग का प्रचार करता है।

आयशा सुल्ताना से कावारत्ती पुलिस पिछले हफ्ते इस मामले में तीन बार पूछताछ कर चुकी है। आयशा सुल्ताना लक्षद्वीप की रहने वाली है। जिसने बॉलीवुड और मलयालम फिल्मों में काम किया है।

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