मोदी सरकार ने लॉकडाउन में भी जनता को नहीं छोड़ा, पेट्रोल-डीजल के जरिए वसूला 4.51 लाख करोड़ का टैक्स

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जहां लॉकडाउन में देश की जनता को अपनि नौकरियों और रोजगार से हाथ धोना पड़ा। उनकी आय के साधन खत्म हो गए। बढ़ती महंगाई ने जीना मुहाल कर दिया। ऐसी स्थिति में भी मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल के जरिए जमकर टेक्स वसूलना जारी रखा। नतीजा मोदी सरकार कुल 4,51,542.56 करोड़ रुपये का टैक्स वसूलने में कामयाब रही।

नीमच के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने गुरुवार को खुलासा किया कि 2020-21 में पेट्रोलियम पदार्थों के आयात के जरिए 37,806.96 करोड़ रुपये के सीमा शुल्क की वसूली हुई, जिससे देश में इन पदार्थों के विनिर्माण पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क के रूप में 4,13,735.60 करोड़ रुपये सरकारी खजाने को मिला।

वहीं 2019-20 में पेट्रोलियम पदार्थों के आयात के जरिए 46,046.09 करोड़ रुपये का राजस्व सीमा शुल्क के रूप में मिला। वहीं देश में इन पदार्थों के विनिर्माण पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क के रूप में 2,42,267.63 करोड़ रुपये ही कमाए। ऐसे में सरकार ने 2019-20 में कुल 2,88,313.72 करोड़ रुपये राजस्व में कमाए।

इससे स्पष्ट है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में पेट्रोलियम उत्पादों पर सरकार द्वारा वसूले गया टैक्स रेवेन्यू लगभग 56 फीसदी बढ़ गया है। इसके अलावा मोदी सरकार ने मई महीने में टैक्स कलेक्शन से 354,787 करोड़ रूपये जुटाए। इस दौरान सरकार का नेट टैक्स रेवेन्यू 233,565 करोड़ रूपये रहा।

साथ ही बीते चार सालों में टैक्‍स बेस 66.25 लाख से लगभग दोगुना होकर 1.28 करोड़ हो गया है। बीते लगातार आठ महीनों से जीएसटी कलेक्‍शन 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा और अप्रैल 2021 में 1.41 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड GST कलेक्‍शन किया गया।

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