किसानों के समर्थन में बोलना पड़ा महंगा, BJP ने पूर्व मंत्री को किया निष्कासित

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पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के एक नेता को किसान आंदोलन के समर्थन में बोलना महंगा साबित हुआ है। इस मामले में बीजेपी ने पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक अनिल जोशी (anil joshi) को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया। इससे पहले उन्हे ‘पार्टी विरोधी’ गतिविधियों के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

दरअसल किसान आंदोलन को लेकर अनिल जोशी ने कहा था कि केंद्र सरकार को किसानों के मुद्दे पर किसान संगठनों से बातचीत करके हल निकालना चाहिए नहीं, तो पंजाब में पार्टी को नुकसान उठाना होगा। जिस पर भाजपा ने अनिल जोशी को सात जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

नोटिस के जवाब में उन्होने कहा था कि उन्होंने केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ कभी बात नहीं की और उन्होंने राज्य पार्टी प्रमुख से पूछा कि क्या किसानों के बारे में बात करना अनुशासनहीनता है। अनिल ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी के हितों के बारे में ही बात की है।

वहीं अब पार्टी से निकाले जाने पर उन्होंने कहा- 37 साल से जारी पार्टी में मेरी ‘तपस्या’ को खत्म कर दिया गया, पार्टी ने यही इनाम मुझे दिया है। जोशी ने कहा कि शुरू में, राज्य में कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसानों की कुछ मांगें थीं, जिन्हें अगर बीजेपी की पंजाब यूनिट ने कुछ प्रयास किए होते तो निपटाया जा सकता था।

उन्होंने पूछा कि क्या आढ़तियों, उद्योगपतियों, छोटे व्यापारियों और मजदूरों के बारे में बात करना अनुशासनहीनता है? उन्होंने आगे कहा कि कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं और पंजाब बीजेपी प्रमुख से पूछा कि क्या पार्टी को बचाने का सुझाव देना अनुशासनहीनता है?

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